गुरुवार, 25 अप्रैल 2013

वैचारिक गोष्ठी : "आदर्श समाज व्यवस्था"


विवेकानन्द केन्द्र शिमला शाखा द्वारा वैचारिक गोष्ठी : "आदर्श समाज व्यवस्था" का रविवार, ७-अप्रैल-२०१३ को आयोजन किया गया। गोष्ठी की शुरुआत ३ ॐकार एवं प्रार्थना के साथ हुई। स्वाध्याय वर्ग प्रमुख श्री धर्मेन्द्रकुमारजी द्वारा "धर्म के लिए जिए, समाज के लिए जिए" गीत, उपस्थित सभी द्वारा दोहराया गया ।

विवेकानन्द केन्द्र शिमला शाखा के नगर संगठक श्री हार्दिकजी ने विवेकानन्द केन्द्र की देश में चल रही गतिविधी के बारे बताते हुए, वर्षभर चलने वाले स्वामी विवेकानन्द सार्ध शती समारोह के बारे में अवगत कराते हुए, सभी को इस समाज नवोत्थान के कार्य में सम्मिलित होने कि अपील की। विवेकानन्द केन्द्र के जीवनव्रती कार्यकर्ता श्रीमती कल्पनाजी द्वारा माननीय रेखादीदी के परिचय के बाद, सभी उपस्थित कार्यकर्ता एवं परिपोषको का सभी से परिचय हुआ।

माननीय रेखादीदीजी ने गोष्ठी की शुरुआत करते हुए कहा कि हमारा समाज, पुरातन संकल्पना-व्यवस्था से चला आ रहा है जिसमें व्यक्तिको, समाजको, विकास के लिए चिजें आसानी से उपलब्ध रही है  मगर पिछले कुछ २०० वर्षोसे अंग्रेजोकी राजनितिक परतंत्रताके कारण चरमरा गया है, उसको हम केवल मनुष्य निर्माण - राष्ट्र पुन:रुत्थान द्वारा ही वापस ला सकते हैं। और यह चरित्र निर्माण केवल भारत के लिए ही नहीं अपितु पूरे विश्व के लिए आवश्यक है। गोष्ठी के मुख्य बिन्दु निम्न प्रकार रहे।

  • स्वामीजी का विश्व प्रसिध्ध भाषण "अमेरीकावासी बहनों और भाईओं" भावात्मक एकता "वसुधैव कुटुंम्बकम्" का संदेश - वेदांत का संदेश है।
  • आदर्श समाज व्यवस्था के लिए हमे अपनी संस्कृतिको सही रुपसे पहचानना होगा।
  • संस्कारकी शुरुआत परिवार से होती है, और परिवार समाज से, समाज राष्ट्रसे जुडा हुआ है।
  • हम समाज - राष्ट्रके लिए कुछ समय अवश्यही निकाले। केन्द्र प्रार्थनामें "जीवने यावदादानं.." यह बताती है कि हम कितना दे सके। सिर्फ लेके की भावना नही।
  • सूचना से मनुष्य नहीं बनता। यह हमें अपने घरमेंसे अनौपचारिक रूपसे सिखाना है। स्वधर्म का पालन करना है ।
  • जो कुछभी बनो - अच्छा बनो, "जीवने यावदादानं.." की संकल्पना हमेशा अपने सामने रखनी है।
  • विदेशोका अन्धानुकरण के बदले गीता-उपनिषद, संस्कृत का अभ्यास करके स्वय़ंको जाने, अपनी संस्कृति पहचानने की आवश्यक्त है।
  • आजका "development" विनाशात्मक दृष्टीसे हो रहा है, जंगलो का विनाश, पर्यावरण का विनाश।
  • गीता युध्धभूमि में कही गई है, श्रीकृष्णने अर्जुनको तैयार किया था, वैसे आज हमें हमारे युवाऒको तैयार करने के लिए प्रयत्न करना है, युवाओंको विदेशी ताकात से लडनें के लिए तैयार करना है, आजके सांस्कृतिक आक्रमण द्वारा भारतका युवाधन खतम होने से बचाना है।
  • गीता for management, जैसे विषय पर बाहर के लोग गहराई से समझ रहे है, और हमें सबकुछ जल्दी-जल्दी चाहिए|


गोष्ठी के समापन करते हुए माननीय रेखादीदीजी ने कहा, समह मिलता नही पर समय निकालना पडेंगा, अपने लिए, अपने समाज के लिए।  "जीवने यावदादानं स्यात् प्रदानं ततोऽधिकम्" - यही उपाय है, समाज के लिये समय दे तभी आदर्श समाज व्यवस्था पुन:स्थापित हो सकेगी।

श्री आशुतोषजी, सहसंयोजक शिमला नगर ने आभार व्यक्त करते हुए सभी को समाजकार्य में सम्मिलित होने का आहवान किया। कार्यक्रमका संचालन शिमला नगर सहसंयोजक श्री सुभाषजी ने किया। 

शनिवार, 6 अप्रैल 2013

वैचारिक गोष्ठी : "आदर्श समाज व्यवस्था"

वैचारिक गोष्ठी

"आदर्श समाज व्यवस्था"

वक्ता : मा. रेखादिदि, संयुक्त महासचिव, विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी

समय : सायं ५ से ६, रविवार, अप्रैल ७, २०१३
स्थान : विवेकानन्द केन्द्र, नाभा, शिमला - १७१ ००४
संपर्क : दूरभाष : (०१७७)-२८३५९९५, ९४१८०३६९९५, ९४१८०१५९९५, shimla [at] vkendra.org

New arrivals (Books) in Bhagini Nivedita Library : Jan-March 2013

New arrivals (Books) in Bhagini Nivedita Library at Vivekananda Kendra, Nabha Estate, Shimla-4 during Jan-March 2013.
  • "कुरान की विचारणीय बातें" - अमर स्वामी प्रकाशन विभाग 
  • "मतांतरण - चुनौतियाँ एवँ विधिक समाधन" - संस्कृति समन्वय
  • "शिक्षा उत्थान" - शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास
  • "इतिहास दिवाकर" - ठाकुर जगदेवचन्द स्मृति शोध संस्थान, नेरी
  • "Quiz on Swami Vivekananda" - Advaita Ashram
  • "परिव्राजक - मेरी भ्रमण कहानी" - स्वामी विवेकानन्द - रामकृष्ण मठ, नागपुर
  • "My Idea of Education" - Swami Vivekananda
  • "Vivekananda - The Citadel of Power & Strength" - Ramkrishna Math
  • "Student Handbook" - Jetking
  • "सफलता क सिद्धांत" - ए. आर. के. शर्मा - रामकृष्ण मिशन
  • "Awakening India" - Ramkrishna Mission
  • "एक हजार कोटीच्या व्यवसायाकडे" - धरमपेठ महिला सोसायटी, नागपुर
  • "भ्रामक उदेश्य" - भारत नीति प्रतिष्ठान
  • "पारसमणि सिध्धेश्वर महदेव (कामाक्षी पीठ)" - स्वामी राम फ़ाउण्डेशन
  • "रामायण" - स्वामी विवेकानन्द - रामकृष्ण मठ
  • "विद्यार्थी जीवन मे सफलता" - ए. आर. के. शर्मा - रामकृष्ण मिशन
  • "Divine Love in Action" - Swami Rama Foundation
  • "शिमला गाइड 2012" - दिव्य हिमाचल
  • "विवेकानन्द एवं वंचित वर्ग" - महाविर मन्दिर प्रकाशन, पटना
  • "धर्म की अवधारणा" - श्री रंगा हरी - श्री भारतीय प्रकाशन
  • "पातंजल समाधियोग" - ध्यान आश्रम एवं आयुर्वेद
  • "VIF India Annual Report 2012" - Vivekananda International Foundation
  • "Indian Science" - Vivekananda Kendra Patrika - Vivekananda Kendra Prakashan
  • "Global Vision 2020" - Dattopantji Thengadi

Bhagini Nivedita Library is run & manage by Vivekananda Kendra Kanyakumari Shimla Branch. This is free public library with reading room with more then 3200 books in Hindi, Sanskrit & English. Range starting from old Hindu Scriptures "Veda" to latest scientific & General knowledge monthly magazine Safari.


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