शनिवार, 13 मई 2017

Vivekananda Kendra Sahitya Seva

Visit us at Book Stall No. : 6, Gaiety Theatre, Ridge, Shimla 
Date-Time : 13 to 21 May 2017 : 10am to 8pm

Vivekananda Kendra is partaking on Book fair at Gaiety Theatre, Ridge, Shimla organised by National Book Trust and Lang & Culture dept, Himachal Pradesh.




सोमवार, 8 मई 2017

एम् आई रूम समरहिल (शिमला) में योग शिविर

आर्मी ट्रेनिंग कमांड शिमला तथा विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा शिमला द्वारा एम् आई रूम समरहिल (शिमला) में एक अनिवसीय  योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 08-05-2017 से 14-05-2017 तक प्रातः 5.30 से 6.30 तक लगाया जा रहा है।इस शिविर में योग सम्बंधित निम्न विषयों पर विशेष बल दिया जा रहा है; 
1. शिथलिकरण विधी  (Relaxation Techinc) 
2. सूर्यनमस्कार
3. आसन
4. प्राणायाम
5. योग की अवधारणा
इस शिविर में लगभग 40 लोग भाग ले रहे हैं।

विवेकनन्द केन्द्र द्वारा आने वाले दिनों में दस दिवसीय निवासीय   योग शिविर का आयोजन कश्मीर में 15 जुलाई से 25 जुलाई 2017 तक केन्द्र के नागडण्डी आश्रम में (अच्छाबल गाँव , अनंतनाग)  आवासीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर की पूर्ण जानकारी तथा भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन vkendra.org पे जाए अथवा शिविर प्रभारी से मो.न. 94180-15995 पर संपर्क कर सकते है ।

मंगलवार, 18 अप्रैल 2017

Yoga Satra at Thadi Village & Subathu Cannt

Yoga Satra was organised at Subathu Cantt & Thadi Village of Solan Dist, Himachal Pradesh in morning 5:30 to 6:50am & evening 5 to 6pm respectively from 17th to 23rd April 2017. The seven days yoga satra was comprise of Relaxation Technique, SuryaNamaskar, basic Assans, Pranayam along with discussion on Yum i.e. Satya, Ahimsa, Astey, Brahmcharya and Aparigrah in todays context along with Niyam i.e. Shauch, Santosh, Tap, Swadhyay and Ishwar Pranidhan. Total participants in Subathu Cannt was 15 while in Thadi village total 18 persons gain the benefits.


शनिवार, 10 दिसंबर 2016

गीता जयंती

विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी शाखा शिमला के द्वारा गीता जयंती का कार्यक्रम १० दिसम्बर, शनिवार को अायोजीत किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता सेवानिवृत पोस्टमास्टर जनरल, हि. प्र. श्री तेजरामजी शर्मा रहें। कार्यक्रम की शरुअात शांति पाठ से हुई। अतिथी स्वागत एवं कार्यक्रम प्रस्तावना देते हुए श्री हिम्मत सिंह, कार्यालय प्रमुख ने काहाकि हमारा राष्ट्रीय ग्रंथ भगवद गीता सिर्फ जीवन के अंतिम दिनो में सुनायेजानेवाला ग्रंथ नही हैं, परंतु यह जीवन जीने की कला सिखाता है। हमारे अंदर और बहार जो दिन-प्रतिदिन द्वंद्व चल रहा है उसमें सुचारु रुप से जीवन जीने की काला गीता सीखाती है। इस कार्यक्रम में ४० व्यक्तीयो की उपस्थिति रही। जिसमें बच्चें, महिलायें एवं पुरुष उपस्थित रहें। इस अवसर पर श्री कृष्ण और श्रीमद्भगवत् गीता का महत्व पर अाधारित एक भजन हुअा। उसके बाद श्रीमद्भगवत् गीता में से, ६१ श्लोको (पुस्तक : दैनिक जीवन में गीता) का एकत्र पठन हुअा। 


श्री तेजराम शर्मा जी ने अपने व्यक्तत्व में राष्ट्रीय ग्रंथ भगवद्गीता की महत्ता बाताते हुएे कहा की यह श्री कृष्ण-अर्जुन के बीच का संवाद है, जो उपनिषदो की कक्षा का होने के कारण, श्री अादि शंकराचार्य ने इसे उपनिषद के साथ रखा है। पूरे श्रीमद्भगवत् गीता का सार कर्म है और पूरे महाभारत का सार धर्म है। श्री शार्मा ने विषेशरुप से बाताया कि श्रीमद्भगवत् गीता का अध्ययन छोटी अायु से ही शरु कारना चाहिये। कार्यक्रम के अंत में श्री हार्दिकजी ने विवेकानन्द केन्द्र कि गतिविधियों, जैसे कि योगवर्ग, संस्कारवर्ग एवं स्वाध्याय वर्ग के बारे में जानकारी दी और मुख्य अतिथि तथा उपस्थित समुदाय का धन्यवाद किया। शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापान किया गया। कार्यक्रम के सुचारु संचालन में श्री गोपाल, प्रविण, कुलदिप, शिवम्, धरमेन्द्र एवं हीरासिंग विषेश सहयोग रहा।